31 मार्च 2021 - 12:12
महबूबा मुफ़्ती और उनकी मां देश की अखंडता के लिए ख़तरा, पासपोर्ट जारी करने से भारत सरकार का इंकार

भारत सरकार ने देश की अखंडता के लिए ख़तरा बताते हुए महबूबा मुफ़्ती और उनकी मां को पासपोर्ट जारी करने से इंकार कर दिया है।

भारत की केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ़्ती और उनकी मां के नए पासपोर्ट जारी करने के आवेदन को रद्द कर दिया है।

मुफ़्ती का कहना है कि भारत प्रशासित कश्मीर के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया है कि उन्हें और उनकी मां गुलशन आरा को पासपोर्ट जारी करने से देश की सुरक्षा और अखंडता ख़तरे में पड़ सकती है।

याद रहे कि गुलशन आरा भारत के पूर्व गृह मंत्री और जम्मू-कश्मीर के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके मुफ़्ती मोहम्मद सईद की पत्नी हैं।

महबूबा मुफ़्ती प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार द्वारा कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के क़दम का विरोध कर रही हैं और कई महीनें हिरासत में रह चुकी हैं।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने एक पत्र लिखकर महबूबा मुफ़्ती को सूचित किया है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के आपराधिक जांच विभाग या सीआईडी की एक नकारात्मक रिपोर्ट के आधार पर पासपोर्ट के लिए उनके आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया है।

61 वर्षीय महबूबा मुफ़्ती का कहना है कि वह और उनकी मां उमरा करने के लिए मक्का जाना चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने पिछले साल दिसंबर में नए पासपोर्ट जारी करने के लिए आवेदन किया था।

मुफ़्ती ने पासपोर्ट कार्यालय द्वारा उनके आवेदन को ख़ारिज करने के बाद, अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था, लेकिन जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और उनके आवेदन को ख़ारिज कर दिया है।